झारखंड

पतरातू PVUNL के CEO का ऐलान

Saba Naaz
27 Jun 2026 5:04 PM IST
पतरातू PVUNL के CEO का ऐलान
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पतरातू (रामगढ़): झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू में स्थित पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (PVUNL) से राज्य के विकास को गति देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। पीवीयूएनएल की पहले चरण की तीसरी 800 मेगावाट (MW) की विद्युत उत्पादन इकाई को 15 मार्च 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) एके सहगल ने एक प्रेस वार्ता के दौरान इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और तय समयसीमा के भीतर इस यूनिट से उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में प्लांट की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 1600 मेगावाट है, जो तीसरी इकाई के चालू होने के बाद बढ़कर 2400 मेगावाट हो जाएगी।

अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीक पर जोर

सीईओ एके सहगल ने बताया कि पुराने ताप विद्युत संयंत्र के स्थान पर अत्याधुनिक 'सुपर क्रिटिकल' एवं पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) संयंत्र स्थापित करने का उद्देश्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। इस पूरी परियोजना के तहत पतरातू में 800-800 मेगावाट की कुल पांच इकाइयां स्थापित की जानी हैं, जिससे कुल 4000 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा।

इसी माह शुरू हुई है दूसरी इकाई

परियोजना के पहले चरण में तीन इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से पहली 800 मेगावाट की इकाई 5 नवंबर 2025 को व्यावसायिक उत्पादन से जुड़ चुकी थी। वहीं, इसी महीने 25 जून 2026 को दूसरी इकाई से भी वाणिज्यिक उत्पादन (Commercial Production) सफलतापूर्वक शुरू कर दिया गया है। तीसरी इकाई चालू वित्तीय वर्ष के भीतर ही उत्पादन से जुड़ जाएगी। इसके साथ ही, दूसरे चरण की शेष दो इकाइयों की प्रशासनिक स्वीकृति और निर्माण प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।

स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता

रोजगार के संवेदनशील मुद्दे पर बात करते हुए सीईओ ने स्पष्ट किया कि पीवीयूएनएल की सर्वोच्च प्राथमिकता रामगढ़ जिले और झारखंड के स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य के चरम पर होने के दौरान परियोजना में करीब 8 से 9 हजार श्रमिक कार्यरत थे। अब दो इकाइयों के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद प्लांट के संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) कार्यों में भी बड़ी संख्या में अनुभवी स्थानीय कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जा रहा है।

सहकारी समितियों और फ्लाई ऐश से स्वरोजगार को बढ़ावा

प्रशासनिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले वर्ष जुलाई से छह सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जिनसे वर्तमान में 400 से 550 स्थानीय लोग सीधे जुड़े हुए हैं। भविष्य में इन समितियों को प्लांट के अन्य तकनीकी और गैर-तकनीकी कार्यों में भी अवसर दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, फ्लाई ऐश (Fly Ash) आधारित उत्पादों के माध्यम से भी स्वरोजगार को बढ़ावा देने की योजना है।

महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए स्पेशल ट्रेनिंग

महिला सशक्तिकरण के तहत पीवीयूएनएल ने आसपास के 30 गांवों की 30 महिलाओं को 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया है, जिससे वे फ्लाई ऐश से सजावटी एवं उपयोगी उत्पाद बना सकें। इन उत्पादों को झारक्राफ्ट और अन्य बड़े बाजारों से जोड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विद्युत वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए रामगढ़ के 20 स्थानीय युवाओं को जमशेदपुर स्थित प्रतिष्ठित संस्थान में चार महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस ट्रेनिंग में युवाओं को 11 केवी ट्रांसफॉर्मर के रखरखाव और सुरक्षा मानकों को सिखाया जा रहा है, ताकि वे खुद का स्वरोजगार स्थापित कर सकें।

सड़कें होंगी रोशन, सोलर लाइटों का तोहफा

सीईओ ने स्थानीय आबादी को बड़ी सहूलियत देते हुए घोषणा की कि अगले तीन महीनों के भीतर पीवीयूएनएल प्लांट गेट से लेकर पतरातू रेलवे गेट तक की मुख्य सड़क के किनारे सोलर हाईमास्ट और सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इससे रात के समय यात्रियों का आवागमन सुरक्षित हो सकेगा। इस प्रेस वार्ता में ईडी (प्रोजेक्ट) अनुपम मुखर्जी, जीएम (O&M) मनीष खेत्रपाल, जियाउर रहमान, अमित रौतेला और सीएमओ शिप्रा रानी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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